Kavi Singh रण भूमि तैयार करो

 रण भूमि तैयार करो गद्दारों पर वार करो | GADDARON PAR WAAR KARO | KAVI SINGH

Kavi Singh रण भूमि तैयार करो
Song - रण भूमि तैयार करो गद्दारों पर वार करो
Singer - Kavi Singh 
Writer -  Viswas Rawat
Music - Sargam Studio 
Edit By - Bijesh Arya

रण भूमि तैयार करो गद्दारों पर वार करो Lyrics-

बंदेमातरम बंदेमातरम बंदेमातरम बंदेमातरम,
खतरे का उदघोष हुआ है रणभूमि तैयार करो
सही वक्‍त है चुन-चुन कर तुम गद्दारों परवार करो
सही वक्‍त है चुन-चुन कर अब गद्दारों परवार करो। 

आतंकी तो चार मारकर हम खुशियों से फूल गये।
सरहद की चिंता में घर के भेदिवों को भूल गये।
सरहद की चिंता में घर के भेदिवों को भूल गये।

सरहद पर कॉंटे है लेकिन घर के भितर नागफनी।
जिनके हाथ मशालें सौफी वो करते है आगजनी।
जिनके हाथ मशालें सौफी वो करते है आगजनी।

ये भारत की बर्वादी के कसे कथानक लगाते है।
सच तो है दहशत गरदो से अधिक भयानक लगते है।
सच तो है दहशत गरदो से अधिक भयानक लगते है।

संविधान ने सौप दिये है अस्‍त्र शस्‍त्र आजादी के
शिक्षा के परिसर में नारे भारत की बर्वादी के
शिक्षा के परिसर में नारे भारत की बर्वादी के। 

ले संविधान की आड़ हमारे लोगों को बहकाते है।
एैसे दोगले लोगों को फिर क्‍यों नहीं  सबक सिखाते है।
एैसे दोगले लोगों को फिर क्‍यों नहीं  सबक सिखाते है।

अफजल पर तो छाती फटती देखी है........की,
मगर शहादत भूल गये हम सियाचीन के शेरों की
मगर शहादत भूल गये हम सियाचीन के शेरों की। 

जिस अफजल ने संसद वाले हमले को अंजाम दिया
जिस अफजल को न्‍यायालय ने आंतकी का नामदिया।
जिस अफजल को न्‍यायालय ने आंतकी का नामदिया।
उस अफजल की फॉसी को वलिदान बताने निकले है।
और हमारे ही घर में हमको धमकाने निकले है।
और हमारे ही घर में हमको धमकाने निकले है।

बड़ी विदेशी साजीश है हथियार हमारी छाती पर
भारत को घायल करते गद्दार हमारी छाती पर
भारत को घायल करते गद्दार हमारी छाती पर। 

नाम कन्‍हैया रखने वाले कंस हमारी छाती पर 
माल उडाते जय चंदों के वंश हमारी छातीपर
माल उडाते जय चंदों के वंश हमारी छातीपर। 

आज वतन को खुद के पाले घडि़यालों से खतरा है।
बाहर के दुश्‍मन से ज्‍यादा हमें घरवालों से खतरा है।
बाहर के दुश्‍मन से ज्‍यादा हमें घरवालों से खतरा है।

देशद्रोह के हमदर्दी है तुच्‍छ सियासत करते है।
और वतन के गद्दारों की खुली वकालत करते है।
और वतन के गद्दारों की खुली वकालत करते है।

कोट बैक की नदी बिषैली उसमें वहने वाले है।
आंतकी इस रथ को अपनी बेटी कहने वाले है।
आंतकी इस रथ को अपनी बेटी कहने वाले है।

सावधान अब रहना होगा बामपंत की चालों से
बचकर रहना टोपी पहने ढोगी मुफलर वालोंसे
बचकर रहना टोपी पहने ढोगी मुफलर वालों से। 

राष्‍ट्रवाद के रखवालों मत संता का उपभोग करो
दिया देश नेतुमको पूर्ण बहुमत का उपयोग करो
दिया देश ने तुमको पूर्ण बहुमत का उपयोग करो। 

हम भारत के आकाओं के खामौशी से चौके है।
एक शेर के रहते कैसे कुत्‍ते खुलकर भौके है।
एक शेर के रहते कैसे कुत्‍ते खुलकर भौके है।

सारी बाते बंद करो मत ज्ञान बांटीये  नेताजी।
सबसे पहले गद्दारों की जीभ काटीये नेताजी
सबसे पहले गद्दारों की जीभ काटीये नेताजी। 

नदी तुम्‍हारे वश में है तो हमें बोल दो नेताजी।
संविधान से बंधे हमारे हाथ खोल दो नेताजी 
संविधान से बंधे हमारे हाथ खोल दो नेताजी। 

अगर नहीं कुछ किया समुचा भार उठाने वाले है
हम भारत के बेटा-बेटी हथियार उठाने वाले है।
हम भारत के बेटा-बेटी हथियार उठाने वाले है।

जो वारपीठ पर करते है अपना उनका इतवार करो।
सरकारी दौर पर चाइना की सब चीज का बहिष्‍कार करो।
सरकारी दौर पर चाइना की सब चीज का बहिष्‍कार करो।

जो खुद को विधाता कहते है उनको औकात दिखाओं तुम 
जोगी बाबा मुल्‍लाओं को जेल की हवा खिलाओं तुम। 

कवि सिंह कहते देश की खातिर अपनी जान लुटा देगें।
सुन गद्दार चाइना तेरी ईट-से-ईट बजा देंगें।
सुन गद्दार चाइना तेरी ईट-से-ईट बजा देंगें।
वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम।।

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